ईरान ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी आईएईए की महासभा में ज़ायोनी शासन और परमाणु क्षेत्र में ताज़ा प्रवेश करने वाले यूएई की ओर से लगाए गए इल्ज़ाम को निरर्थक बताया है।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि काज़िम ग़रीबाबादी ने बुधवार को कहाः "बड़ी हास्यास्पद बात है कि परमाणु अप्रसार संधि व निरस्त्रीकरण की अनदेखी तथा हर प्रकार का जनसंहारक शस्त्र बनाने वाला शासन, एनपीटी के सदस्य देश को उपदेश दे रहा है जिसके सभी परमाणु प्रतिष्ठान और पदार्थ आईएईए के सेफ़गार्ड के तहत हैं।"
काज़िम ग़रीबाबादी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि इस्राईल के परमाणु हथियार कार्यक्रम की ओर से ध्यान हटने न पाए। उन्होंने तेल अवीव पर बल दिया कि वह परमाणु हथियार छोड़ कर तुरंत एनपीटी में शामिल हो और अपने परमाणु प्रतिष्ठानों को आईएईए के सेफ़गार्ड में ले आए।
आईएईए के 63वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए इस्राईल के परमाणु ऊर्जा आयोग के महानिदेशक ने दावा किया था कि एजेंसी को उस चीज़ की अधिक निगरानी करने की ज़रूरत है जिसे उन्होंने ईरान की परमाणु क्षेत्र में धोखा देने व छिपाने की शैली का नाम दिया था। बुधवार को आईएईए में ईरान के प्रतिनिधि ने अपने बयान में यूएई द्वारा लगाए गए इल्ज़ाम को निराधार व महत्वहीन दर्शाते हुए इस बात का आश्वासन दिया कि ईरान ने अपने परमाणु प्रतिष्ठान के निर्माण में सबसे ऊंचे मानक को अपनाया है।
काज़िम ग़रीबाबादी ने कहाः सभी सरकारों के परमाणु ऊर्जा से शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए लाभ उठाने के अधिकार के मद्देनज़र इस क्षेत्र में ताज़ा प्रवेश करने वाले यूएई सहित क्षेत्रीय देशों को सुझाव देता हूं कि वे ज़्यादा से ज़्यादा पारदर्शिता अपनाएं और अपने परमाणु कार्यक्रम के शांतिपूर्ण स्वरूप में किसी प्रकार के दिशाभेद से बचें।
काज़िम ग़रीबाबादी का यह बयान, आईएईए में यूएई के स्थायी प्रतिनिधि हमद अलकाबी के उस बयान की प्रतिक्रिया में आया है जिसमें यूएई के प्रतिनिधि ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से ईरान की परमाणु व क्षेत्रीय गतिविधियों से उत्पन्न चिंताओं व ख़तरों से निपटने के लिए नई शैली अपनाने की बात कही थी।